रात की ड्यूटी में निखिल को अस्पताल का पुराना रिकॉर्ड रूम संभालना था।
अस्पताल की तीसरी मंज़िल पर एक कमरा था—
Room 17
वहाँ कोई मरीज भर्ती नहीं था।
फिर भी हर रात उस कमरे की घंटी बजती थी।
पहली रात 2:15 बजे घंटी बजी।
निखिल ने नर्स से पूछा—
“कमरा 17 में कौन है?”
नर्स का चेहरा अचानक गंभीर हो गया।
“कोई नहीं।”
“फिर घंटी?”
“इसे अनदेखा करो।”
निखिल ने बात मान ली।
लेकिन अगले दिन भी ठीक 2:15 पर वही घंटी बज गई।
इस बार वह खुद कमरे के बाहर गया।
दरवाज़ा बंद था।
अंदर से किसी ने धीरे से कहा—
“निखिल…”
वह पीछे हट गया।
उसे अपना नाम सुनाई दिया था।
अगली रात निखिल ने दरवाज़े के नीचे मोबाइल कैमरा रख दिया।
2:15 पर घंटी बजी।
वीडियो में कमरे के अंदर एक खाली बेड दिखाई दे रहा था।
फिर बेड की चादर धीरे-धीरे हिलने लगी।
ऐसा लग रहा था जैसे कोई अदृश्य व्यक्ति उस पर बैठ गया हो।
निखिल ने वीडियो बंद कर दिया।
तभी उसके फोन पर अस्पताल के पुराने रिकॉर्ड की एक फोटो आई।
उसमें वही कमरा था।
नीचे तारीख़ लिखी थी—
15 साल पहले।
बेड पर एक मरीज लेटा था।
नाम देखकर निखिल जम गया।
निखिल वर्मा।
उसने तुरंत पुराने रिकॉर्ड विभाग में जाकर फाइल खोजी।
फाइल में लिखा था कि पंद्रह साल पहले एक बच्चा अस्पताल में भर्ती हुआ था।
उम्र—
8 साल।
नाम—
निखिल।
लेकिन निखिल को अपने बचपन की ऐसी कोई घटना याद नहीं थी।
फाइल के आखिरी पन्ने पर सिर्फ़ एक लाइन थी—
“मरीज रात 2:15 बजे गायब हो गया।”
निखिल ने डॉक्टर से इस बारे में पूछा।
डॉक्टर ने उसे देखते हुए कहा—
“तुम्हें यह फाइल नहीं मिलनी चाहिए थी।”
“मैं कौन था उस कमरे में?”
डॉक्टर कुछ देर चुप रहा।
फिर बोला—
“तुम मरीज नहीं थे।”
निखिल ने पूछा—
“तो?”
डॉक्टर ने कहा—
“तुम उस बच्चे को ढूँढने आए थे।”
निखिल कुछ समझ नहीं पाया।
उसी समय कमरे नंबर 17 की घंटी फिर बजने लगी।
ट्रिन… ट्रिन…
डॉक्टर ने धीरे से कहा—
“अब वह तुम्हें याद कर चुका है।”
निखिल कमरे के सामने पहुँचा।
दरवाज़ा अपने आप खुल गया।
अंदर वही पुराना बेड था।
इस बार उस पर एक बच्चा बैठा था।
आठ साल का।
बच्चे ने निखिल को देखकर मुस्कुराया।
“तुम वापस आ गए।”
निखिल पीछे हट गया।
बच्चे ने पूछा—
“इस बार मुझे अकेला छोड़कर तो नहीं जाओगे?”
कमरे की लाइट बंद हो गई।
अगले दिन अस्पताल की CCTV रिकॉर्डिंग में निखिल तीसरी मंज़िल की तरफ जाता दिखाई दिया।
लेकिन वह वापस कभी नहीं आया।
Room 17 फिर से बंद कर दिया गया।
आज भी वहाँ हर रात 2:15 बजे घंटी बजती है।
इस घटना को कुछ लोग real horror story in hindi कहते हैं, लेकिन अस्पताल ने कभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी।
ऐसी horror story in hindi में सबसे डरावनी बात यह नहीं कि एक बच्चा कमरे में दिखाई देता है।
डर तब लगता है जब किसी इंसान को अपने ही भूले हुए अतीत की कोई ऐसी चीज़ याद आ जाए…
जिसे उसने कभी जिया ही नहीं था।
और ऐसी unexpected stories के बारे में अस्पताल का पुराना स्टाफ आज भी सिर्फ़ एक बात कहता है—
“अगर रात 2:15 बजे Room 17 की घंटी बजे, तो नाम लेकर जवाब मत देना।”
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